IT PROVES " WHY TO APPLY " RIGHT TO RE-CALL " & "
Friday, 6 April 2012
भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत: अन्ना ने दिया मई तक का अल्टीमेटम
भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत: अन्ना ने दिया मई तक का अल्टीमेटम
Chandrakant Vajpeyi
06 / 04 / 2012.
" स्थायी सत्ता - कब और कैसे ? "
अधिकाँश राजनीतिक दलों का उदय उस दल के सुसंस्कारित,
चारित्र्यवान,निष्ठावान, मातृभूमि के लिए समर्पित अर्थात 'त्याग की
वृत्ति'
के सिद्धांत पर 'राष्ट्राय स्वाहा इदं न मम' पर अडिग रहनेंवाले
कार्यकर्ताओं
के बलिदानों से हुआ है।" आज जनता को विभिन्न दलों में
ऐसे लोग
नहीं मिल रहे है।
ऐसे कार्यकर्ते मिले तो ठीक अन्यथा भावी चुनावों में " जात-पात,
प्रांत-
भाषा स
ऊपर उठकर दल की विचारधारा के साथ प्रत्याशी की
दल के
प्रति
निष्ठा, ईमानदारी, निजीयोग्यता, सदचारित्र्यता,विनम्रता
समाज
कार्य में
सहभागिता, उक्तकार्य में दक्षता, अपराधिक आरोप या
पंजीबद्ध
प्र
करणोंकी स्थिति, ६०वें जन्मदिन पर पद से मुक्त होनें के साथ
पद
धार करने के दिन से पद त्याग के दिन तक, प्रत्येक तीन माह में
स्वय खून के रिश्तेदारों के सम्पत्ती के सच्चे ब्योरें को वेब साईट पर
प्रस्तुत करनें के वैधानिक शपथपत्र के आधार पर ही मतदान होगा और
अपराधिक - गुंड उम्मीदवारों को बहिष्कृत किया जावेगा |"
राजनीति और विरोध न करते हुवे 'जनलोकपाल बिल' को हुबहू लागू
करनें वाले प्रत्येक दल को फायदा होगा, यह अनिवार्य भी है अन्यथा
हानि होगी। मतदाता धारा ४९ का उपयोग करके उम्मीदवार को कोई
मत नहीं देनें पर भी आमादा हो गए है, इस पर भी गंभीरता से विचार
करना आवश्यक होगा।
हर कार्यकर्ता को स्व-मंथन करना चाहिए कि क्या मेरी छबि के
कारण
दल अथवा देश की छबि मलिन होनेंकी संभावना है ? अपराध
बोध से
ग्रसित कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदत्त पद का त्याग स्वयं अपनी और
से करनें
और नि:स्वार्थ व्यवहार के साथ पार्टी के आदेशों का इमानदारी से पालन
तथा समाजसेवा जैसे रक्तदान, विकलांगों की सेवा, नेत्रदान अथवा अन्य
परमार्थिक कार्य करनें पर दल के प्रति पूर्ण समर्पण दिखाई देनें लगेगा,
जिस कारण पार्टी के अन्दर और क्षेत्रभर में धीरे-धीरे आदर-सम्मान प्राप्त
होगा। यह तभी संभव होगा जब कार्यकर्ता का सच्चा आत्म-परिक्षण और
यथार्थ व्यवहार होगा। जिस दल के कार्यकर्ता इस विषय को गंभीरता से
लेंगे और कर्तव्य करेंगे उस दल की विजय निश्चित होगी।
पार्टी नेतृत्व को चारित्र्यवान, निष्ठावान, ईमानदार कार्यकर्ताओं की
फ़ौज
तैयार करना आवश्यक है। " पार्टी में रिश्ते नाते पूरीतरह से दूर
रखकर केवल प्रामाणिक व अत्यंत कठोर अनुशासन के साथ पूर्णत:
समभाव के व्यवहार करनें अनिवार्य है, तभी पूर्ववर्ती जेष्ठ और श्रेष्ठ
कार्यकर्ताओं की जीवन -शैली के अनुरूप वर्त्तमान व भावी कार्यकर्ताओं
की निर्मिती संभव होगी। उक्त जीवन शैली के कार्य -कर्ताओं की प्रभावी
श्रृंखला ही सम्पूर्ण भारत में प्रभावी सुराज अर्थात न्यायशील, सुसंपन्न,
परम - वैभवशाली भारत की स्थापना करेगी।
" सभी को हार्दिक
शुभकामनाएं "
शुभेच्छु :--
चंद्रकांत वाजपेयी, औरंगाबाद.[राष्ट्रहितार्थ प्रतिबद्ध जेष्ठ नाग.
एवं सामाजिक कार्यकर्ता]
ई-मेल :
chandrakantvjp@gmail.com
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