१४ / ०३ / २०१२.
" देशभर की विभिन्न सरकारें और बजट "
प्रिय सरकार के सभी मंत्री और अधिकारियों के साथ-साथ प्रदेश के
जानना महत्वपूर्ण है कि :--
" यदि देश, प्रदेश या अपनें घर का विकास करना है तो उस क्षेत्र से
सम्बंधित हर व्यक्ति को ज्ञान, संसाधन और मानवशक्ति में वृद्धी करना
आवश्यक है। कोई भी सरकार हो या घर का मुखिया उसे टैक्स लगाकर
" देशभर की विभिन्न सरकारें और बजट "
प्रिय सरकार के सभी मंत्री और अधिकारियों के साथ-साथ प्रदेश के
समस्त सम्मानीय नागरिकगण, यह अत्यंत कटु होनें के बावजूद
जानना महत्वपूर्ण है कि :--
" यदि देश, प्रदेश या अपनें घर का विकास करना है तो उस क्षेत्र से
सम्बंधित हर व्यक्ति को ज्ञान, संसाधन और मानवशक्ति में वृद्धी करना
आवश्यक है। कोई भी सरकार हो या घर का मुखिया उसे टैक्स लगाकर
अथवा रहवासियों से धन संग्रहित करके उक्त विकास कार्य करनें होते है
। यह एक न्यायिक और योग्य व्यवस्था है, जिस पर किसी की आपत्ति
नहीं होना चाहिए। परन्तु पैसा कितना, किस समुदाय से और किस मद
में लिया जाए इस पर विचार और व्यवहार अधिक महत्वपूर्ण है।"
मेरे विचार से किसी भी सरकार नें दैनिक भोजन-सामग्री,
सस्ते वस्त्र,औषधि, केवल एक सामान्य आवास और घरेलु इंधन पर
टैक्स नहीं लगाना चाहिए। अथवा बहुत आवश्यक हुआ तो केवल १ या २
प्रतिशत तक इस पर टैक्स वसुल करना चाहिए। इसी प्रकार किसी भी
टैक्स में एक मुश्त १०% से अधिक वृद्धि करना अथवा किसी भी वस्तु
या सेवा पर कुल १५% से अधिक टैक्स वसूलना अच्छी सरकार का
लक्षण नहीं होगा।
यह संतोष का विषय है की कुछ सरकारों नें अच्छी सरकार का
परिचय देनें का प्रयास करते हुवे उपरोक्त जीवनावश्यक चीजों पर टैक्स
नहीं लगाया अथवा बढाया है । यदि पूर्व से कोई टैक्स २०% या अधिक
है तो कोई आपत्ति नहीं होगी परन्तु कोई नया टैक्स लगाकर २०%टैक्स
करना नागरिकों का आर्थिक शोषण होगा।
यह विनंती है की दो किश्तों में अधिकतम १५% तक ही टैक्स
वसूला जाए जिससे नागरिकों का सहकार्य मिलेगा अन्यथा सरकार को
नाकाम कहा जावेगा।
"क्या सरकार नाकाम कहलाना पसंद करेगी ? नागरिकों को नाराज
करेगी ? या इस निवेदन पर सकारात्मक निर्णय लेकर आदर्श प्रस्तुत
करेगी ?
। यह एक न्यायिक और योग्य व्यवस्था है, जिस पर किसी की आपत्ति
नहीं होना चाहिए। परन्तु पैसा कितना, किस समुदाय से और किस मद
में लिया जाए इस पर विचार और व्यवहार अधिक महत्वपूर्ण है।"
मेरे विचार से किसी भी सरकार नें दैनिक भोजन-सामग्री,
सस्ते वस्त्र,औषधि, केवल एक सामान्य आवास और घरेलु इंधन पर
टैक्स नहीं लगाना चाहिए। अथवा बहुत आवश्यक हुआ तो केवल १ या २
प्रतिशत तक इस पर टैक्स वसुल करना चाहिए। इसी प्रकार किसी भी
टैक्स में एक मुश्त १०% से अधिक वृद्धि करना अथवा किसी भी वस्तु
या सेवा पर कुल १५% से अधिक टैक्स वसूलना अच्छी सरकार का
लक्षण नहीं होगा।
यह संतोष का विषय है की कुछ सरकारों नें अच्छी सरकार का
परिचय देनें का प्रयास करते हुवे उपरोक्त जीवनावश्यक चीजों पर टैक्स
नहीं लगाया अथवा बढाया है । यदि पूर्व से कोई टैक्स २०% या अधिक
है तो कोई आपत्ति नहीं होगी परन्तु कोई नया टैक्स लगाकर २०%टैक्स
करना नागरिकों का आर्थिक शोषण होगा।
यह विनंती है की दो किश्तों में अधिकतम १५% तक ही टैक्स
वसूला जाए जिससे नागरिकों का सहकार्य मिलेगा अन्यथा सरकार को
नाकाम कहा जावेगा।
"क्या सरकार नाकाम कहलाना पसंद करेगी ? नागरिकों को नाराज
करेगी ? या इस निवेदन पर सकारात्मक निर्णय लेकर आदर्श प्रस्तुत
करेगी ?
"
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